किसी
व्यक्ति के लिए बकरी बनकर जीना कैसा होता होगा? कल्पना करके अजीब लगता है,
आखिर कोई बकरी क्यों बनना चाहेगा. पर ब्रिट्रेन के थॉमस ने ऐसा किया. वे
अपनी रिसर्च के लिए तीन दिनों तक बकरी बनकर रहे. उन्होंने इस दौरान वही सब
किया, जो एक बकरी करती है. जी हां, उन्होंने चार पैरों पर चलना शुरू कर
दिया और घास खाना भी. उनके लिए ये सब मुश्किल रहा, पर ज़िंदगी में ऐसा
अनुभव बेहद कम लोग ही कर पाते हैं.
आपको ये जानकर हैरानी और खुशी दोनों हो सकती है कि थॉमस को बकरी की तरह जीने के लिए इस साल 'Ig Nobel Prizes'
से नवाज़ा गया है. आपको बता दें कि थॉमस ने बकरी के अनुभव को जीने के लिए
एक खास तरह का सूट बनवाया था, जो उन्हें बकरियों जैसा बना और दिखा सके. दरअसल, उन्होंने बकरी की तरह अपने जीवन के तीन दिन यूरोप की Alps पहाड़ियों पर बिताए थे.
उन्होंने अपनी रिसर्च को GoatMan: How I Took A Holiday From Being Human नाम से किताब के रूप में पब्लिश किया है.
उनके इस काम को इतना सराहा गया कि उन्हें इसके लिए नोबेल प्राइज से नवाज़ा
गया है. ये सम्मान Scientific Research के क्षेत्र में सबसे असमान्य
उपलब्धियों के लिए दिया जाता है.
Harvard University में आयोजित पुरस्कार समारोह में Thomas Thwaites ने
बकरी की कृत्रिम पोशाक में ही इस सम्मान को अर्जित किया और कहा कि 'उनके
लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है'. उन्होंने ये भी कहा कि 'मैं मनुष्य की तरह जी
कर थक चुका था, तभी मैंने निर्णय लिया कि मैं अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी
से छुट्टी लेकर कुछ दिनों तक बकरी बनकर रहूंगा'. थॉमस ने अपने इस पुरस्कार
को ब्रिटिश लेखक Charles Foster के साथ भी साझा किया. Charles Foster
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के फेलो हैं.
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